स्वाति चौधरी
आज सम्पूर्ण विश्व के सामने मुँह फैलाए खड़ी कोरोना महामारी (COVID-19) से बचने के लिए विभिन्न स्तरों पर
अनेक प्रयास किये जा रहे हैं । जिसमें भारत सरकार ने भी इसकी गंभीरता को समझते हुए
21 दिन की तालाबंदी, वृद्धों, दिव्यांगजनों व गरीबों के लिए 1.70 लाख करोड़ की
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना व विदेशों मे फंसे प्रवासी भारतीयों को लाने
जैसे साहसिक व प्रशंसनीय कदम उठाए है । ये सही समय पर उठाए गए उचित कदम है लेकिन
इन सबके बाद भी एक बहुत ही दु:खद तस्वीर दिखाई दे रही है । वह है अपने घर छोड़कर नौकरी
व मजदूरी के लिए बाहर रह रहे आंतरिक प्रवासी श्रमिकों व गरीबों की जो गुजरात, राजस्थान,
महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा जैसे देश की विभिन्न जगहों से लॉक डाउन के कारण सामान की गठरी सिर पर रखे दो-तीन
दिन की पैदल यात्रा करके अपने घर लौट रहे हैं । यह एक अत्यंत ही दु:खद व सोचनीय स्थिति
है जब विदेशों मे रह रहे प्रवासी भारतीयों को हवाई यात्रा से उनके घर तक पहुँचाया
जा सकता है तो इन गरीबों के लिए क्यों नहीं कुछ किया जा रहा है ? इस समस्या को गंभीरता
से लेते हुए सरकार को इनके लिए भी एक कदम उठाकर इन्हें सुरक्षित घर तक पहुँचाने की
जरूरत है ।
स्वाति चौधरी, सीकर, राजस्थान
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